सिंधु घाटी सभ्यता /हड़प्पा सभ्यता : महत्वपूर्ण परीक्षापयोगी जानकारी

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सिंधु घाटी सभ्यता /हड़प्पा सभ्यता

सिंधु घाटी सभ्यता ( IVC ) एक कांस्य युग सभ्यता थी (3300-1300 ईसा पूर्व; परिपक्व अवधि 2600-1600 बीसीई) मुख्य रूप से दक्षिण एशिया के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में, जो आज  उत्तर पूर्व अफगानिस्तान पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिम भारत से है। प्राचीन मिस्र और मेसोपोटामिया के साथ यह पुरानी दुनिया के तीन प्रारंभिक सभ्यताओं में से एक थी , और तीन में से सबसे अधिक व्यापक थी

सिंधु घाटी सभ्यता को हरप्पा सभ्यता के रूप में भी जाना जाता है इसकी पहली साइट 1 9 20 के दशक में खुदाई की  थी, उस समय  पंजाब प्रांत ब्रिटिश भारत में था, और अब पाकिस्तान है
हड़प्पा के खंडहरों को पहली बार 1842 में Charles Masson ने बलूचिस्तान, अफगानिस्तान और पंजाब में अपनी यात्रा के विभिन्न पहलुओं में वर्णित किया था
Areas : पाकिस्तान, पश्चिमी भारत और पूर्वोत्तर अफ़ग़ानिस्तान . पश्चिम में  बलूचिस्तान से लेकर पूर्व में उत्तर प्रदेश तक, पूर्वोत्तर अफ़ग़ानिस्तान  उत्तर में और दक्षिण में महाराष्ट्र हिस्सा है।
भौगोलिक सीमा :  दक्षिण एशिया                                                                                                       अवधि  : कांस्य युग
तिथियां :  c. 3300 – c. 1700 BCE
हड़प्पा, मोहेन्जो-डारो और अन्य सिंधु घाटी शहरों में वास्तुकला की एक ऐसी योजना थी जो प्राचीन दुनिया में अद्वितीय थी। मौसमी बाढ़ और प्रदूषित जल से सुरक्षा के लिए, बस्तियों विशाल प्लेटफार्मों और ऊंचा मैदानों पर बनाए गए थे। शहरों में सड़कों के नेटवर्क ने एक व्यवस्थित ग्रिड का गठन किया, जिसे सही कोण पर एक दूसरे को काटने के लिए सीधी रेखा में रखा गया। सड़कों के साथ भवनों का आकार ईंटों से बना था जो आकार में समान थे।
 
सिंधु घाटी सभ्यता के शहरों में दुनिया के पहले ज्ञात शहरी स्वच्छता प्रणालियां थीं सभी घरों में शौचालय, स्नानघर और सीवेज की नालियों से लैस किया गया था कुछ घर भी दुनिया के सबसे प्रसिद्ध फ्लश शौचालय से सुसज्जित थे। अधिकांश घरों में निजी कुएं थे और कई जलाशयों के साथ एक परिष्कृत जल प्रबंधन प्रणाली थी। इन सभी बिंदुओं से आईवीसी में स्वच्छता के महत्व और हाइड्रोलिक इंजीनियरिंग में उनके अद्भुत कौशल का संकेत मिलता है। हड़प्पा सभ्यता की सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम बीसवीं सदी के पहले और विकासशील देशों में कई समकालीन शहरी शहरों की तुलना में अधिकांश पश्चिमी शहरों की तुलना में अधिक उन्नत थी।
बटन पहले सिंधु घाटी सभ्यता में उपयोग किए गए थे संभवतः गहने के रूप में इस्तेमाल किया जाता था, उन्हें शंख से बना दिया गया था और उन्हें छिद्रों में खड़ा किया गया था ताकि उन्हें धागे के साथ कपड़ों में संलग्न किया जा सके।
2001 में, पुरातत्वविदों ने पाया कि सिंधु घाटी लोगों को आद्य-दंत चिकित्सा के बारे में ज्ञान था सिंधु घाटी और अन्य सभ्यताओं के बीच सबसे बड़ा अंतर युद्ध के लिए सेना का कोई सबूत नहीं है और पर्याप्त मात्रा में हथियारों की कमी है। इस प्रकार ये अनुमान लगाया जा सकता है कि सिंधु घाटी लोग शांतिपूर्ण थे IVC  शहर उनके स्पष्ट समतावाद (सभी के लिए समानता का पक्षधर) के लिए उल्लेखनीय हैं।

1. सिंधु घाटी सभ्यता का नाम हङप्पा सभ्यता क्यों पड़ा।
— सबसे पहले 1927 में ‘हड़प्पा’ नामक स्थल पर उत्खनन होने के कारण ‘सिन्धु सभ्यता’ का नाम ‘हड़प्पा सभ्यता’ पड़ा। पर कालान्तर में ‘पिग्गट’ ने हड़प्पा एवं मोहनजोदड़ों को ‘एक विस्तृत साम्राज्य की जुड़वा राजधानियां‘ बतलाया।
2. इस सभ्यता की खोज किसने की थी।
— इस अज्ञात सभ्यता की खोज का श्रेय ‘रायबहादुर दयाराम साहनी’ को जाता है।
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हड़प्पा सभ्यता का विशेष महत्वपुर्ण सामान्य ज्ञान भाग- दो
3.यह खुदाई किसके निर्देशन में की गई थी।
— पुरातत्त्वसर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक ‘सर जॉन मार्शल’ के निर्देशन में 1921 में इस स्थान की खुदाई करवायी।
4. इस सभ्यता के बारे में जानकारी कब प्राप्त हुयी।
— 1920 ईसा पूर्व के दशक में सर्वप्रथम हड़प्पाई सभ्यता का ज्ञान हुआ।
5. हड़प्पा सभ्यता का समय कब तक माना जाता है ?
— 2350 ई.पू. से 1750 ई.पू. तक ।
6. हड़प्पा सभ्यता का पता कब और किसने लगाया ?
— 19 वीं शताब्दी में अंग्रेजों ने ।
7. हड़प्पा स्थल की खुदाई कब और किसने की ?
— सन् 1921 में दयाराम साहनी ने ।
8. मोहनजोदड़ो स्थल की खुदाई कब और किसने की ?
— सन् 1922-23 में राखलदास बनर्जी ने ।
9. हड़प्पा सभ्यता का क्षेत्र कितने किलोमीटर में फैला है ?
— 12,99,660 वर्ग किमी
10. भारत में कहां-कहां हड़प्पा सभ्यता का पता चला है ?
— गुजरात के काठियावाड़ और अमहदाबाद ,
राजस्थान के श्रीगंगानगर , हरियाणा के हिसार
और पंजाब के रोपड़ में ।
11. हड़प्पा वासियों की सामाजिक व्यवस्था का मुख्य आधार क्या था ?
— परिवार
12. हड़प्पा वासियों का समाज कैसा था ?
— मातृ सत्तात्मक
13. आग से पकी हुई मिट्टी को इस समय क्या कहा जाता था ?
— टेराकोटा
14. बिल्ली का पीछा करते हुए कुत्ते के पंजों के निशान कहां मिले हैं ?
— सिंधुकालीन स्थल चन्हूदड़ो में ।
15. मनका निर्माण की फैक्ट्री कहां स्थित थी ?
— चन्हूदड़ो में ।
16. किस खेल का प्रचलन हड़प्पा के समय था ?
— शतरंज
17. किस सैंधव पुरा स्थल से फर्श के निर्मित अलंकृत ईंटों का प्रयोग किया गया था ?
— कालीबंगा
18. हड़प्पा में किसकी अराधना की जाती थी ?
— मातृ देवी तथा पशुपति
19. हड़प्पा/ सिंधुघाटी सभ्यता में पवित्र पशु कौन थे ?
— कूबड़वाला बैल तथा श्रृंगयुक्त पशु
20. हड़प्पावासी किसे अपना पवित्र पक्षी मानते थे ?
— फाख्ता
21. स्वास्तिक किसकी देन है ?
— हड़प्पा सभ्यता
22.मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए कितनी विधियां प्रचलित थीं ?
— तीन विधियां-
1. पूर्ण समाधीकरण,
2. आंशिक समाधीकरण,
3. दाह-संस्कार
23. हड़प्पा में कितनी फसलें उपजाई जाती थीं
— अब तक नौ फसलों की पहचान हुई है- गेहूं, जौ के अतिरिक्त कपास, तरबूज तथा मजर भी उपजाए जाते थे।
24. कपास के उपज की पहली जानकारी कहां से मिली ?
— हड़प्पा

Part 2

1. कपास को यूनानी क्या कहते थे ?
— सिन्डॉन
2. खेत की जुताई के लिए किसका उपयोग किया जाता था ?
— हल
3. इस समय कौन से घातु मिलने के प्रमाण हैं ?
— तांबा, टिन और कांस्य
4. हड़प्पा सभ्यता में व्यापार कैसे होता था ?
— लोग आंतरिक और बाह्य व्यापार में संलग्न थे । आंतरिक व्यापार बैलगाड़ी से संचालित होता था ।
5 . मेलूहा शब्द किसके लिए इस्तेमाल किया गया ?
— मेसोपोटामिया के साक्ष्यों में इस शब्द का प्रयोग हड़प्पा के लिए किया गया है।
6. सैंधव वासी मिठास के लिए किस चीज का इस्तेमाल करते थे ?
— शहद
7. हड़प्पा के समय व्यापार की कौन सी प्रणाली प्रचलित थी ?
— वस्तु विनिमय प्रणाली
8. हड़प्पा के समय क्या प्रमुख उद्योग थे ?
— कपड़ा उद्योग, आभूषण निर्माण, शिल्पकर्म,
बढ़ईगिरी, मिट्टी के बर्तन बनाना
9. यहां के लोगों ने नगरों और घरों के विन्यास के लिए किस पद्धति को अपनाई ?
— ग्रीड पद्धति
10. हड़प्पा सभ्यता में शहरीकरण की प्रमुख विशेषता क्या थी ?
— निकास प्रणाली
11. हड़प्पा में कहां विशाल स्नानागार के साक्ष्य मिले हैं ?
— मोहनजोदड़ो
12. हड़प्पा में लिपि और धर्म की जानकारी कहां से मिलती है ?
— सैंधवकालीन मुहरों से।
13. इस समय कौन सी लिपि प्रचलित थी ?
— चित्राक्षर लिपि ( चित्रों के माध्यम से संप्रेषण)
14. इस लिपि में कितने चिह्न ज्ञात हैं ?
— 400 चित्र(चिह्न)
15. चित्राक्षर लिपि को और किस नाम से पुकारा जाता है ?
— बेन्डोफ्रेंड्रम लिपि
16. इसे लिपि को किस तरफ से लिखा जाता है
— बाईं से दाईं ओर
17. आजादी( सन् 1947) के बाद भारत में सबसे अधिक कहां हड़प्पायुगीन स्थलों की खोज हुई
— गुजरात
18. किस सैंधव पुरा स्थल से घोड़े की हड्डियों के प्रमाण मिलते हैं ?
— सुरकोटडा
19. सैंधव स्थलों से किस जगह पर सर्वप्रथम कृषि के साक्ष्य उपलब्ध होते हैं ?
— मेहरगढ़
20. वह कौन-सा हड़प्पाकालीन स्थल है जो त्रि-स्तरीय था ?
— धौलावीरा
21. चावल के उत्पादन के साक्ष्य किस सैंधव पुरास्थल से प्राप्त हुए हैं ?
— रंगपुर एवं लोथल
22. मेसोपोटामियाई अभिलेखों में सिंधु क्षेत्र का प्राचीन नाम क्या मिलता है ?
— मेलुहा
23. किस प्राक्-हड़प्पा स्थल से कूड़ (हलरेखा) का पता चलता है ?
— कालीबंगा
24. पंजाब की किस नदी के नाम पर एक ताम्रपाषाणिक संस्कृति का नामाकरण किया गया था ?
— सोन संस्कृति
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