भारत  के  उच्च न्यायालय: महत्वपूर्ण तथ्य

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भारत  के  उच्च न्यायालय High Courts in India

 

● भारत में कुल कितने उच्च न्यायालय हैं— 24

● भारत के किस उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या सबसे कम है— सिक्किम उच्च न्यायालय

● भारत के किस न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या सबसे अधिक है— इलाहाबाद उच्च न्यायालय

● भारत का सबसे बड़ा उच्च न्यायालय कौन-सा है—इलाहाबाद उच्च न्यायालय

● पटना उच्च न्यायालय की स्थापना कब हुई— 1916 ई.

● मध्य प्रदेश का उच्च न्यायालय कहाँ स्थित है— जबलपुर

● उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार को हटाने या बढ़ाने का अधिकार किसको है— भारतीय संसद को

● उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति कौन करता है—राष्ट्रपति

● उच्च न्यायालय का न्यायाधीश कितनी आयु तक अपने पद पर रह सकता है— 65 वर्ष की आयु तक

● उच्च न्यायालय में प्रथम महिला मुख्य न्यायाधीश कौन थीं—श्रीमती लीला सेठ

● किसी न्यायाधीश को एक न्यायालय से दूसरे न्यायालय में भेजने का अधिकार किसको है— राष्ट्रपति को

● भारत का चलित न्यायालय किसका मानसंपुज है— डॉ. ए.पी.जे. कलाम आजाद

● किस उच्च न्यायालय में सबसे अधिक स्थाई/अस्थाई खंडपीठ है— गुवाहटी उच्च न्यायालय में

● केरल का उच्च न्यायालय कहाँ स्थित है— एर्नाकुलम

● उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को उसके पद व गोपनीयता की शपथ कौन दिलाता है— राज्यपाल

● संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत उच्च न्यायालय द्वारा दिया गया निर्देश परिवर्तित किया जा सकता है—अनुच्छेद-226

● ओड़िशा राज्य का उच्च न्यायालय कहाँ स्थित है— कटक

● किसी राज्य के उच्च न्यायालय के न्यायधीशों के वेतन एवं भत्ते का संबंध किससे होता है— संबंधित राज्य की लोकलेखा निधि से

● केंद्रशासित प्रदेश दिल्ली का उच्च न्यायालय कहाँ स्थित है— दिल्ली में

HIgh Courts in India

भारत का उच्चतम न्यायलय 28 जनवरी 1950 को अस्तित्व में आया । इससे पहले 1937-1950 भारत की संघीय अदालत कार्यरत थी ।

उच्चतम न्यायलय में न्यायधीशों की संख्या न्यायमूर्ती एवं 30 अन्य न्यायधीश है ।

भारत के उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश पैंसठ वर्ष की अधिकतम आयु तक पद धारण कर सकते हैं।
भारत में उच्च न्यायालयों की कुल संख्या 24 है।

3 उच्च न्यायालयों का उद्घाटन संबंधित राज्यों की राजधानियों में इस प्रकार हुआ – मेघालय और मणिपुर उच्च न्यायालय (25 मार्च 2013) और त्रिपुरा उच्च न्यायालय (26 मार्च 2013) ।

भारत में सबसे पुराना उच्च न्यायालय कलकत्ता उच्च न्यायालय है जिसकी स्थापना 1 जुलाई 1862 को हुई थी । कलकत्ता, बम्बई तथा मद्रास उच्च न्यायालय की स्थापना 1862 मे एक राजज्ञा द्वारा हुई थी ।

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा बासठ वर्ष है।

संविधान के अनुच्छेद 214 के अनुसार प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय होगा, लेकिन विधि द्वारा दो या अधिक राज्यों के लिए अथवा दो या अधिक राज्यों और किसी संघ राज्य क्षेत्र के लिए एक ही उच्च न्यायालय स्थापित कर सकती है।

न्यायाधीशों की योग्यता

अनुच्छेद 217 के अनुसार कोई व्यक्ति किसी उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के योग्य तब होगा, जब वह–

  1. भारत का नागरिक हो और 62 वर्ष की आयु पूरी न की हो।

  2. कम से कम 10 वर्ष तक न्यायिक पद धारण कर चुका हो। न्यायिक पद धारण करने की अवधि की गणना करने में वह अवधि भी सम्मिलित की जाएगी, जिसके दौरान कोई व्यक्ति पद धारण करने के पश्चात किसी उच्च न्यायालय का अधिवक्ता रहा है या उसने किसी अधिकरण के सदस्य का पद धारण किया है या संघ अथवा राज्य के अधीन कोई ऐसा पद धारण किया है, जिसके लिए विधि का विशेष ज्ञान अपेक्षित है।

  3. किसी उच्च न्यायालय में एक या से अधिक उच्च न्यायालयों में लगातार 10 वर्ष तक अधिवक्ता रहा हो। किसी उच्च न्यायालय का अधिवक्ता रहने की अवधि की गणना करते समय वह अवधि भी सम्मिलित की जाएगी, जिसके दौरान किसी व्यक्ति ने अधिवक्ता होने के पश्चात न्यायिक पद धारण किया है या किसी अधिकरण के सदस्य का पद धारण किया है या संघ अथवा राज्य के अधीन कोई ऐसा पद धारण किया है, जिसके लिए विधि का विशेष ज्ञान अपेक्षित है।

 

न्यायाधीशों की नियुक्ति

उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश से, उस राज्य के राज्यपाल से तथा सम्बन्धित उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श करके की जाती है। इस सम्बन्ध में यह प्रक्रिया अपनाई जाती है कि उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश राज्य के राज्यपाल के पास प्रस्ताव भेजता है और राज्यपाल उस प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री से परामर्श करके उसे प्रधानमंत्री के माध्यम से राष्ट्रपति के पास भेजता है। राष्ट्रपति उस प्रस्ताव पर भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श करके न्यायाधीश की नियुक्ति करता है। उच्च न्यायालय के एक पूर्व निर्णय के अनुसार राष्ट्रपति मुख्य न्यायाधीश की राय मानने के लिए बाध्य नहीं है, लेकिन 6 अक्टूबर, 1993 के उच्चतम न्यायालय के द्वारा दिये गये एक निर्णय के अनुसार राष्ट्रपति को भारत के मुख्य न्यायाधीश की राय को वरीयता देनी चाहिए।

1. वर्तमान में भारत में कितने उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) हैं ?

►-24 ( जो सभी राज्यों और केंद्र शासित राज्यों तक विस्तृत है )

2. ‘भारत के प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय होगा, लेकिन संसद विधि द्वारा दो या दो से अधिक राज्यों और किसी केंद्र शासित राज्य के लिए एक ही उच्च न्यायालय रख सकता है’- ये व्यवस्था संविधान के किस अनुच्छेद में दी गई है ?
►-अनुच्छेद 214

3. क्या उच्च न्यायालय भी अभिलेख न्यायालय है, जिसकी अवमानना पर किसी को दंडित किया जा सकता है ?
►-हां

4. राज्य न्यायपालिका का शीर्ष कौन होता है ?
►-उच्च न्यायालय

5. संविधान का अनुच्छेद 216, उच्च न्यायालय के बारे में क्या कहता है ?
►-इसका गठन एक मुख्य न्यायधीश तथा ऐसे अन्य न्यायाधीशों से मिलकर होगा जो समय-समय पर राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित किए जाएं ।

6. उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों को किसके समक्ष शपथ लेना पड़ता है ?
►-राज्यपाल

7. उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति कौन करता है ?
►-सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तथा उस राज्य के राज्यपाल से परामर्श लेकर भारत का राष्ट्रपति इसकी नियुक्ति करता है ।

8. हाईकोर्ट के अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति कौन करता है ?
►-संबंधित राज्य के मुख्य न्यायाधीश की सलाह लेकर इसकी नियुक्ति राष्ट्रपति करता है ।

9. उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के रिटायरमेंट की अधिकतम आयु-सीमा कितनी है ?
►-62 वर्ष (अनुच्छेद 217, 224) के द्वारा निर्धारित

10. कदाचार और असक्षमता के आधार पर हाईकोर्ट के किसी जज को हटाने की प्रक्रिया क्या है ?
►-महाभियोग प्रक्रिया ( इसी प्रक्रिया के जरिए सुप्रीम के जज को भी हटाया जाता है ) ।

11. समय से पूर्व कोई भी न्यायाधीश अपना इस्तीफा किसे सौंप सकता है ?
►-राष्ट्रपति

12. लोक अदालत क्या है ?
►-कानूनी विवादों के मैत्रीपूर्ण समझौते के लिए वैधानिक मंच ।

13. क्या लोक अदालतों के द्वारा दिए गए निर्णयों के विरुद्ध अपील की जा सकती है ?
►-नहीं । यह निर्णय अंतिम होते हैं ।

14. भारत में पहली लोक अदालत कहां स्थापित की गई ?
►-महाराष्ट्र

15. किस राज्य की उच्च न्यायालय ने सबसे पहले बंद को असंवैधानिक घोषित किया था ?
►-केरल हाईकोर्ट (सन् 1997 में)

राज्य / केंद्र शासित प्रदेशों के उच्च न्यायालय

 

State or UTCourtPrincipal Seat/(Bench having jurisdiction of the State)
Andaman and Nicobar IslandsCalcutta High CourtKolkata (Bench at Port Blair)
Andhra PradeshHigh Court of Judicature at HyderabadHyderabad
Arunachal PradeshGauhati High CourtGuwahati (Bench at Itanagar)
AssamGauhati High CourtGuwahati
BiharPatna High CourtPatna
ChandigarhPunjab and Haryana High CourtChandigarh
ChhattisgarhChhattisgarh High CourtBilaspur
Dadra and Nagar HaveliBombay High CourtMumbai
Daman and DiuBombay High CourtMumbai
National Capital Territory of DelhiDelhi High CourtNew Delhi
GoaBombay High CourtMumbai (Bench at Panaji)
GujaratGujarat High CourtAhmedabad
HaryanaPunjab and Haryana High CourtChandigarh
Himachal PradeshHimachal Pradesh High CourtShimla
Jammu and KashmirJammu and Kashmir High CourtSrinagar/Jammu
JharkhandJharkhand High CourtRanchi
KarnatakaKarnataka High CourtBangalore (Bench at Dharwad and Gulbarga)
KeralaKerala High CourtCochin
LakshadweepKerala High CourtCochin
Madhya PradeshMadhya Pradesh High CourtJabalpur (Bench at Gwalior and Indore)
MaharashtraBombay High CourtMumbai (Bench at Aurangabad and Nagpur)
ManipurManipur High CourtImphal
MeghalayaMeghalaya High CourtShillong
MizoramGauhati High CourtGuwahati (Bench at Aizawl)
NagalandGauhati High CourtGuwahati (Bench at Kohima)
OdishaOdisha High CourtCuttack
PuducherryMadras High CourtChennai
PunjabPunjab and Haryana High CourtChandigarh
RajasthanRajasthan High CourtJodhpur (Bench at Jaipur)
SikkimSikkim High CourtGangtok
Tamil NaduMadras High CourtChennai (Bench at Madurai)
TelanganaHigh Court of Judicature at HyderabadHyderabad
TripuraTripura High CourtAgartala
Uttar PradeshAllahabad High CourtAllahabad (Bench at Lucknow)
UttarakhandUttarakhand High CourtNainital
West BengalCalcutta High CourtKolkata

 

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